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बाल मजदूरी अपराध, युवक अपनी क्षमताएं पहचाने – लवानिया

म.प्र. राज्य सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार डॉ. मुहम्मद शमीम जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में विकासखण्ड बमौरी के ग्राम नौनेरा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। विकासखण्ड बमौरी में आयोजित शिविर में महिलाओं के अधिकारों के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें श्री विपिन कुमार लवानिया, सचिव जि.वि.से.प्रा., कु. शिखा श्रीवास्तव जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रकाश सिंह किरार सरपंच बमौरी उपस्थित रहें।

बाल मजदूरी अपराध, युवक अपनी क्षमताएं पहचाने - लवानिया
बाल मजदूरी अपराध, युवक अपनी क्षमताएं पहचाने – लवानिया

श्री विपिन कुमार लवानिया द्वारा ग्रामीणों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति निर्धनता के कारण न्याय प्राप्त करने में असमर्थ है तो वह विधिक सहायता के माध्यम से शासकीय व्यय पर पैरवी हेतु वकील प्राप्त कर सकता है। कु. शिखा श्रीवास्तव द्वारा ग्रामीण महिलाओं को बताया गया कि वे अपने कानूनी अधिकारों को पहचानते हुये किसी भी प्रकार के शोषण के विरूद्ध आवाज उठायें एवं शासन की योजनाओं का लाभी प्राप्त करें। साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं जननी सुरक्षा योजना के संबंध में जानकारी दी। ग्रामीणजनों को विधिक साक्षरता/सलाह योजना के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में भी जाग्रत किया गया।

इसके अतिरिक्त ग्राम नौनेरा में भी आदिवासी ग्रामीणों के मध्य बाल मजदूरी एवं बालकों के अधिकारों के संबंध में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें श्री विपिन कुमार लावनियां द्वारा बालकों के माता-पिता को समझाया गया कि बाल मजदूरी एक अपराध है इससे बालको के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त उन्होने बढ़ते हुए चोरी के अपराधों के कारणों का विश्लेक्षण करते इस अपराध की ओर अग्रसर होते हैं, अतः युवकों को अपनी क्षमताऐं पहचानते हुए रोजगार की ओर अग्रेषित होना चाहियें।

कु. शिखा श्रीवास्तव द्वारा बालकों को बताया गया कि 14 वर्ष तक के बालकों के लिये शासन मुफ्त शिक्षा, पुस्तकें, गणवेश एवं मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था करती हैं एवं छात्रवृत्ति का भी प्रावधान है। अतः माह जुलाई से प्रतिदिन स्कूल जायें एवं शिक्षा की ओरे अग्रसर हों तथा बाल मजदूरी जैसे कृत्यों से बालकों को दूर रखें।
आदिवासी महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया कि वे अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहें क्योंकि यदि महिला सजग है तभी उसका परिवार सही दिशा में बढ़ता है एवं कुपोषण के बारे में एवं उससे बचने के भी उपाय बताये गये।

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